गूंथे आटे को 30 मिनिट के लिए गीले कपड़े में लपेट कर रख दीजिए. गोल गप्पों के ठंडा हो जाने पर इन्हें  उबले आलू, मटर भरकर और स्वादिष्ट खटे मीठे पानी (How to make Pani for Golgappa) के साथ सर्व कीजिए. घर पर बनाए च्वयनप्राश में बहुत सारी जड़ी बूटियां और मसाले होते हैं जो कि बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण के लिए आवश्यक होते हैं। इसके कुछ फायदे इस प्रकार हैं-: इसे खाने से बच्चों की प्रतिरक्षा प्रणाली को ताकत मिलती है। जब मौसम में बदलाव आते हैं जैसे कि सर्दी या मानसून, ऐसे में बच्चे बीमार पड़ जाते हैं लेकिन इसे खाने से बच्चों को फंगल इंफेक्शन और बैक्टीरियल इन्फेक्शन से लड़ने की ताकत मिलती है। च्यवनप्राश बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता यानि इम्यूनिटी को बढ़ाता है।, इसे खाने से बच्चों का पाचन तंत्र मजबूत होता है। जब बच्चों में कब्ज की समस्या होती है तब आपको उन्हें एक चम्मच च्वयनप्राश गर्म पानी के साथ देनी चाहिए। इससे उनकी कब्ज की समस्या जल्दी सुलझ जाती है।, इसमें जरूरी पोषक तत्व होते हैं जो आपके बच्चे की याददाश्त को मजबूत बनाते हैं। बच्चों का पढ़ाई में ध्यान ज्यादा लगता है और वह नई चीज़ सीखने के लिए तैयार रहते हैं। जब आप रोज अपने बच्चों को इसे खिलाएंगे तो आप देखेंगे कि आपके बच्चे की दिमाग की क्षमता बढ़ रही है।, बच्चे दिन भर में बहुत सारे काम करते हैं। इसलिए उन्हें दिन भर अतिरिक्त ऊर्जा की आवश्यकता होती है जिससे कि वह एक्टिव और खुश रह सके। यह उनके लिए एनर्जी बूस्टर का भी काम करता है।, इसे भी पढ़ेंः बादाम से बनने वाली पांच डिशेज, वैसे तो आप चाहे तो अपने बच्चे को च्वयनप्राश किसी भी समय दे सकती हैं परंतु अगर आप इन दो समय पर अपने बच्चों को च्वयनप्राश देगी तो उनके लिए यह ज्यादा फायदेमंद होगा।, च्वयनप्राश को दूध के साथ इसलिए लिया जाता है क्योंकि इसमें बहुत सारे आयुर्वेदिक मसाले होते हैं जिनसे गर्मी उत्पन्न होती है और दूध लेने से हमारे शरीर को नरमाहट मिलती है। खाना खाने से पहले गर्म दूध के साथ इसे लेने से पाचन तंत्र मजबूत रहता है। 5 साल की उम्र से शिशु को च्वयनप्राश लेना शुरू कर देना चाहिए। यदि आप अपने बच्चे को जल्दी देना चाहती है तो पहले डॉक्टर से या फिर आयुर्वेदिक चिकित्सक से सलाह लें लें।, क्या आप एक माँ के रूप में अन्य माताओं से अपनी समस्याओं व अनुभवों को बांटना चाहती हैं? तैयार गोल गप्पों को प्लेट के ऊपर रखी जाली वाली डलिया में निकाल कर रखते जायं और सारे गोल गप्पे इसी तरह तल कर तैयार कर लीजिये, पूरी से अतिरिक्त तेल निकल कर, डलिया के नीचे रखी प्लेट में आ जाता है. आटे के गोल गप्पे बनाने के लिए, सबसे पहले आटे को गूंथ कर तैयार करें. सारे गोल गप्पे बेल कर तैयार कर लीजिये. आधा घंटा हो जाने पर कपडा़ हटा कर आटे को एकबार फिर से 3-4 मिनिट मसल कर चिकना कर लीजिए और फिर से आटे को गीले कपड़े में लपेट कर आधे घंटे के लिए रख दीजिए और उसके बाद फिर से इसे 4-5 मिनिट और मसल कर चिकना कर लीजिए. Know How to Make Chyawanprash Recipe in Hindi. आटे को 4-5 मिनिट तक मसलने पर यह अच्छे से चिकना हो जाएगा. चटाखेदार मसाला पानी, उबले आलू मटर से भरे गोल गोल गोलगप्पे को देखकर ही मुंह में पानी आ जाता है. Subscribe to our Nishamadhulika newsletter. अब आटे को फिर से गीले कपड़े में लपेट कर के आधे घंटे के लिए रख दीजिए. हाथ पर तेल लगाकर लोई को गोल करके हाथ से दबाते हुए चपटा कर लीजिए. Ghar par Chyawanprash Banane ki Vidhi. एक गीले कपड़े से आटे को ढके और 20-25 मिनट के लिए रख दें।. इसके लिए एक बड़े प्याले में आटा निकाल लीजिए इसमें सूजी मिला लीजिये, और थोडा़-थोडा़ पानी डालते हुए पूरी के आटे से भी सख्त आटा गूंथ कर तैयार कर लीजिए. गोल गप्पे बनाने के लिए आटा तैयार है, आटे में से छोटी-छोटी लोईयां तोड़ लीजिए. 30 मिनिट बाद आटे से कपडा़ हटा दीजिए और हाथों पर तेल लगाकर आटे को अच्छे से मसल मसल कर चिकना कर लीजिए. एक लोई उठाइये, चकले पर रखिये और 2 इंच के व्यास में गोल बेल लीजिये. बेले हुये गोलगप्पे को कपड़े पर रखिये और दूसरे गीले कपड़े से ढककर रखें, एक एक करके सारी लोईयों को गोल बेल कर कपड़े पर ढकते हुये रखते जाइये. गोलगप्पा पुरी, एक गोल आकार की फूली हुई छोटी करारी पुरी है जो इतनी छोटी होती है कि आसानी से मुंह में आ जाती है, जो कई सारी चटपटी चाट जैसे कि, एक परात में सूजी, मैदा, बेकिंग सोडा और नमक ले और अच्छे से मिला ले।, एक गीले कपड़े से आटे को ढके और 20-25 मिनट के लिए रख दें।, आटे को 4 बराबर भागों में बाँट ले। प्रत्येक भाग में से एक लोई बनाइये।, एक लोई ले और उसे चकले के ऊपर रखें। उसे बेलन की मदद से बड़े गोल आकर की रोटी में बेल ले, उसकी मोटाई चपाती (लगभग 1-2 मिमी) जितनी ही रखे। इसे बहुत पतला या बहुत मोटा नहीं बेले। अगर बहुत पतली पुरी होगी तो फूलेगी नहीं और अगर बहुत मोटी पुरी होगी तो तलने के बाद करारी नहीं होगी।, एक गोल आकार का छोटा सा ढक्कन (लगभग 2-2.5 इंच व्यास) का उपयोग करके तस्वीर में दिखाया गया है वैसे पुरी काट ले।, अतिरिक्त आटा निकालें और उनमें से फिर से लोई बनाकर पुरी बनाये।, तलने के लिए एक गहरी कढ़ाई (फ्राइंग पैन) में मध्यम आंच पर तेल गरम करें। जब तेल मध्यम गर्म हो जाये तब उसमे 5-6 पूरी डाले। हर एक पुरी को पौने से (या कलछी से) हल्के से दबाए ताकि वह फूले। उन्हें करारी और सुनहरे भूरे रंग की होने तक तले। पूरी को तेल में से निकालें और अतिरिक्त तेल को सोखने के लिए पेपर नैपकिन के ऊपर डाले। सारी पुरी इसी तरह तल ले। जब वह ठंडी हो जाये तब एक डिब्बे में भर दे, पुरी 2-3 हफ्तों तक अच्छी रहती हैं।, एक छोटा गोल आकार का ढक्कन, पूरी काटने के लिए, अंग्रेज़ी में गोलगप्पा पुरी रेसिपी पढ़े (Read in English), उन्हें करारी बनाने के लिए, सख्त आटा गूंथे।, पुरी बनाने के लिए या तो आप आटे में से बड़ी लोईया बनाकर बड़ा गोल बेलकर उसमें से छोटे गोल आकार के ढक्कन के साथ पुरी काट सकते है या आटे को 35-40 छोटे भागों में बांटे और हर एक भाग में से छोटी पुरी बेले।, ध्यान रहे कि बेली हुई पुरी बहुत मोटी है या बहुत पतली नहीं होनी चाहिए।, अगर पुरी तलने के बाद उसमें नमी रहती है तो उन्हें ओवन में (जो कि 200 डिग्री फेरनहाइट पर 10-मिनट के लिए पहले से गर्म किया गया है) 15-20 मिनट के लिए रखे या तेज धूप में 2-3 घंटे के लिए रखे।, अगर आप बेकिंग सोडा नहीं डालना चाहते है तो आटा गूंथने के लिए सादे पानी के बदले सोडा पानी का उपयोग करे।. फूले कुरकुरे गोलगप्पे बनाना कतई मुश्किल नहीं है. White spanji rasgulla ki recipin btaye mam. ये अमूमन हर कि... इस ब्लाग की फोटो सहित समस्त सामग्री कापीराइटेड है जिसका बिना लिखित अनुमति किसी भी वेबसाईट, पुस्तक, समाचार पत्र, सॉफ्टवेयर या अन्य किसी माध्यम से प्रकाशित या वितरण करना मना है. Jesa aap ne batya tha vese hi bnaye the. How to make homemade Chyawanprash for babies. सुझावगोल गप्पे के लिए आटा सख्त और एकदम चिकना गूंथा होना चाहिए.गोल गप्पे को बेलते समय ध्यान रखें की वो एक समान रूप से बेले जाएं बीच में से पतला न हों और न ही किनारों से मोटे रहें अगर ऎसा होता है तो गोल गप्पे अच्छे से फूलते नहीं हैं.गोल गप्पों को कलछी से दबाव देते हुए फुलाएं तो ये अच्छे से फूल कर तैयार होते हैं.